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सुख बेहिसाब हैं

*जो “प्राप्त” है वो ही “पर्याप्त” है ।* *इन दो शब्दों में सुख बेहिसाब हैं।।* *जो इंसान “खुद” के लिये जीता है* *उसका एक दिन “मरण” होता है* *पर जो इंसान”दूसरों”के लिये जीता है*...